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सुनन इब्न माजा

नंबर 2890

नंबर 2890किताब 25, नंबर 9
حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ مُحَمَّدٍ، حَدَّثَنَا وَكِيعٌ، عَنِ الرَّبِيعِ بْنِ صَبِيحٍ، عَنْ يَزِيدَ بْنِ أَبَانَ، عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ، قَالَ حَجَّ النَّبِيُّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ عَلَى رَحْلٍ رَثٍّ وَقَطِيفَةٍ تُسَاوِي أَرْبَعَةَ دَرَاهِمَ أَوْ لاَ تُسَاوِي ثُمَّ قَالَ ‏ "‏ اللَّهُمَّ حِجَّةٌ لاَ رِيَاءَ فِيهَا وَلاَ سُمْعَةَ ‏"‏ ‏.‏
अनस बिन मालिक -रज़ियल्लाहु अन्हु- से वर्णित है वह कहते हैं कि नबी - सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने अपनी हज यात्रा एक पुराने ज़ीन तथा मामूली चादर पर (आरंभ) की जिसका मुल्य चार दिरहम के बराबर था या उस से भी कम था, फिर आप ने कहाः ऐ अल्लाह, ऐसा हज विशुद्ध रूप से केवल तेरे लिए है जिस में ढ़ोंग व पाखंड का कोई अंश नहीं है।

तर्जुमा: HadeethEnc.comइसकी तशरीह

स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

जहाँ तर्जुमा शुदा नबवी हदीसों के इनसाइक्लोपीडिया (HadeethEnc.com) में किसी रिवायत का हूबहू टेक्स्ट मौजूद है, वहाँ उसका तर्जुमा उसी रिवायत के नीचे स्रोत के नाम के साथ दिखाया गया है। दोनों को प्रोग्राम के ज़रिए, सिर्फ़ अरबी टेक्स्ट की बुनियाद पर जोड़ा गया है: इनसाइक्लोपीडिया की हदीस का पूरा टेक्स्ट, उसमें दर्ज सहाबी के नाम समेत, रिवायत का आख़िरी हिस्सा है, हर्फ़-ब-हर्फ़। इस जोड़ को किसी ने नहीं जाँचा है, और सबील के जायज़ाकारों ने तर्जुमे की जाँच नहीं की है। असल टेक्स्ट अरबी है।

किताब 25 · Chapters on Hajj Rituals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।