सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन इब्न माजा

नंबर 2872

नंबर 2872किताब 24, नंबर 120
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ نُمَيْرٍ، حَدَّثَنَا أَبُو الْوَلِيدِ، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، ح وَحَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي عَدِيٍّ، عَنْ شُعْبَةَ، عَنِ الأَعْمَشِ، عَنْ أَبِي وَائِلٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ يُنْصَبُ لِكُلِّ غَادِرٍ لِوَاءٌ يَوْمَ الْقِيَامَةِ فَيُقَالُ هَذِهِ غَدْرَةُ فُلاَنٍ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from ‘Abdullah that the Messenger of Allah (ﷺ) said:“A banner will be set up for every traitor on the Day of Resurrection, and it will be said: ‘This is the treachery of so-and- so.’”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih MutawatirAl-Albani
  • Sahih MutawatirMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · The Chapters on Jihad

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।