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सुनन इब्न माजा

नंबर 2852

नंबर 2852किताब 24, नंबर 100
حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ مُحَمَّدٍ، حَدَّثَنَا وَكِيعٌ، عَنْ سُفْيَانَ، عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ الْحَارِثِ الزُّرَقِيِّ، عَنْ سُلَيْمَانَ بْنِ مُوسَى، عَنْ مَكْحُولٍ، عَنْ أَبِي سَلاَّمٍ الأَعْرَجِ، عَنْ أَبِي أُمَامَةَ، عَنْ عُبَادَةَ بْنِ الصَّامِتِ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم نَفَّلَ فِي الْبَدْأَةِ الرُّبُعَ وَفِي الرَّجْعَةِ الثُّلُثَ ‏.‏
It was narrated from ‘Ubadah bin Samit that the Prophet (ﷺ) awarded one quarter of the spoils to those who attacked the enemy at the beginning and one third to those who attacked at the end
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Daif IsnaadAl-Albani
  • Daif IsnaadMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · The Chapters on Jihad

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।