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सुनन इब्न माजा

नंबर 2843

नंबर 2843किताब 24, नंबर 91
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ إِسْمَاعِيلَ بْنِ سَمُرَةَ، حَدَّثَنَا وَكِيعٌ، عَنْ صَالِحِ بْنِ أَبِي الأَخْضَرِ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، عَنْ عُرْوَةَ بْنِ الزُّبَيْرِ، عَنْ أُسَامَةَ بْنِ زَيْدٍ، قَالَ بَعَثَنِي رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم إِلَى قَرْيَةٍ يُقَالُ لَهَا أُبْنَى فَقَالَ ‏ "‏ ائْتِ أُبْنَى صَبَاحًا ثُمَّ حَرِّقْ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Usamah bin Said said:“The Messenger of Allah (ﷺ) sent me to a village called Ubna, and said: “Go to Ubna in the morning and burn it.’”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · The Chapters on Jihad

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।