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सुनन इब्न माजा

नंबर 2819

नंबर 2819किताब 24, नंबर 67
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحِيمِ بْنُ سُلَيْمَانَ، عَنْ حَجَّاجٍ، عَنْ أَبِي عُمَرَ، - مَوْلَى أَسْمَاءَ - عَنْ أَسْمَاءَ بِنْتِ أَبِي بَكْرٍ، أَنَّهَا أَخْرَجَتْ جُبَّةً مُزَرَّرَةً بِالدِّيبَاجِ فَقَالَتْ كَانَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم يَلْبَسُ هَذِهِ إِذَا لَقِيَ الْعَدُوَّ ‏.‏
It was narrated from Abu ‘Umar, the freed slave of Asma’, from Asma’ bint Abi Bakr, that she brought out a cloak edged with brocade and said:“The Prophet (ﷺ) used to wear this when he met the enemy.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · The Chapters on Jihad

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।