सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन इब्न माजा

नंबर 2794

नंबर 2794किताब 24, नंबर 42
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا يَعْلَى بْنُ عُبَيْدٍ، حَدَّثَنَا حَجَّاجُ بْنُ دِينَارٍ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ ذَكْوَانَ، عَنْ شَهْرِ بْنِ حَوْشَبٍ، عَنْ عَمْرِو بْنِ عَبَسَةَ، قَالَ أَتَيْتُ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم فَقُلْتُ يَا رَسُولَ اللَّهِ أَىُّ الْجِهَادِ أَفْضَلُ قَالَ ‏ "‏ مَنْ أُهْرِيقَ دَمُهُ وَعُقِرَ جَوَادُهُ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that ‘Amr bin ‘Abasah said:“I came to the Prophet (ﷺ) and said: ‘O Messenger of Allah, which Jihad is best?’ He said: ‘(That of a man) whose blood is shed and his horse is wounded.’”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Sahih LighairihiShuaib Al Arnaut
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · The Chapters on Jihad

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।