सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन इब्न माजा

नंबर 2775

नंबर 2775किताब 24, नंबर 23
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ سَعِيدِ بْنِ يَزِيدَ بْنِ إِبْرَاهِيمَ التُّسْتَرِيُّ، حَدَّثَنَا أَبُو عَاصِمٍ، عَنْ شَبِيبٍ، عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ مَنْ رَاحَ رَوْحَةً فِي سَبِيلِ اللَّهِ كَانَ لَهُ بِمِثْلِ مَا أَصَابَهُ مِنَ الْغُبَارِ مِسْكًا يَوْمَ الْقِيَامَةِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Anas bin Malik that the Messenger of Allah (ﷺ) said:“Whoever goes out in the cause of Allah will have the equivalent of the dust that got on him, in musk, on the Day of Resurrection.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAl-Albani
  • HasanMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · The Chapters on Jihad

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।