सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन इब्न माजा

नंबर 2773

नंबर 2773किताब 24, नंबर 21
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ بَكَّارِ بْنِ عَبْدِ الْمَلِكِ بْنِ الْوَلِيدِ بْنِ بُسْرِ بْنِ أَبِي أَرْطَاةَ، حَدَّثَنَا الْوَلِيدُ، حَدَّثَنِي شَيْبَانُ، عَنِ الأَعْمَشِ، عَنْ أَبِي صَالِحٍ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ إِذَا اسْتُنْفِرْتُمْ فَانْفِرُوا ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Ibn ‘Abbas that the Prophet (ﷺ) said:“If you are called to arms then go forth.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · The Chapters on Jihad

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।