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सुनन इब्न माजा

नंबर 2769

नंबर 2769किताब 24, नंबर 17
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الصَّبَّاحِ، أَنْبَأَنَا عَبْدُ الْعَزِيزِ بْنُ مُحَمَّدٍ، عَنْ صَالِحِ بْنِ مُحَمَّدِ بْنِ زَائِدَةَ، عَنْ عُمَرَ بْنِ عَبْدِ الْعَزِيزِ، عَنْ عُقْبَةَ بْنِ عَامِرٍ الْجُهَنِيِّ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ رَحِمَ اللَّهُ حَارِسَ الْحَرَسِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from ‘Uqbah bin ‘Amir Al-Juhani that the Messenger of Allah (ﷺ) said:“May Allah have mercy on the one who keeps watch over the troops.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · The Chapters on Jihad

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।