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सुनन इब्न माजा

नंबर 2741

नंबर 2741किताब 23, नंबर 23
حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ بْنُ مُوسَى، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ بْنُ عُيَيْنَةَ، عَنْ عَمْرِو بْنِ دِينَارٍ، عَنْ عَوْسَجَةَ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، قَالَ مَاتَ رَجُلٌ عَلَى عَهْدِ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم وَلَمْ يَدَعْ لَهُ وَارِثًا إِلاَّ عَبْدًا هُوَ أَعْتَقَهُ فَدَفَعَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم مِيرَاثَهُ إِلَيْهِ ‏.‏
It was narrated that Ibn ‘Abbas said:“A man died at the time of the Messenger of Allah (ﷺ), and he left no heir except for a slave whom he had set free. The Messenger of Allah (ﷺ) gave the legacy to him.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 23 · Chapters on Shares of Inheritance

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।