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सुनन इब्न माजा

नंबर 2731

नंबर 2731किताब 23, नंबर 13
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ رُمْحٍ، أَنْبَأَنَا ابْنُ لَهِيعَةَ، عَنْ خَالِدِ بْنِ يَزِيدَ، أَنَّ الْمُثَنَّى بْنَ الصَّبَّاحِ، أَخْبَرَهُ عَنْ عَمْرِو بْنِ شُعَيْبٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ جَدِّهِ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ لاَ يَتَوَارَثُ أَهْلُ مِلَّتَيْنِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from ‘Amr bin Shu’aib, from his father, from his grandfather, that the Messenger of Allah (ﷺ) said:“People of two different religions do not inherit from one another.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • Hasan SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 23 · Chapters on Shares of Inheritance

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।