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सुनन इब्न माजा

नंबर 2727

नंबर 2727किताब 23, नंबर 9
حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ مُحَمَّدٍ، وَأَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ قَالاَ حَدَّثَنَا وَكِيعٌ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، حَدَّثَنَا عَمْرُو بْنُ مُرَّةَ، عَنْ مُرَّةَ بْنِ شَرَاحِيلَ، قَالَ قَالَ عُمَرُ بْنُ الْخَطَّابِ ثَلاَثٌ لأَنْ يَكُونَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم بَيَّنَهُنَّ أَحَبُّ إِلَىَّ مِنَ الدُّنْيَا وَمَا فِيهَا الْكَلاَلَةُ وَالرِّبَا وَالْخِلاَفَةُ ‏.‏
‘Umar bin Khattab said:“There are three things, if the Messenger of Allah (ﷺ) had clarified them, that would have been dearer to me than the world and everything in it: a person who leaves behind no heir, usury, and the caliphate.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 23 · Chapters on Shares of Inheritance

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।