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सुनन इब्न माजा

नंबर 2692

नंबर 2692किताब 21, नंबर 78
حَدَّثَنَا إِسْحَاقُ بْنُ مَنْصُورٍ، أَنْبَأَنَا حَبَّانُ بْنُ هِلاَلٍ، حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ بَكْرٍ الْمُزَنِيُّ، عَنْ عَطَاءِ بْنِ أَبِي مَيْمُونَةَ، قَالَ لاَ أَعْلَمُهُ إِلاَّ عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ، قَالَ مَا رُفِعَ إِلَى رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم شَىْءٌ فِيهِ الْقِصَاصُ إِلاَّ أَمَرَ فِيهِ بِالْعَفْوِ ‏.‏
It was narrated that 'Ata bin Abu Maimunah said:“I only know it from Anas bin Malik who said: 'No case involving retaliation was referred to the Messenger of Allah (ﷺ) but he enjoined forgiveness.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 21 · The Chapters on Blood Money

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।