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सुनन इब्न माजा

नंबर 2648

नंबर 2648किताब 21, नंबर 34
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ يَحْيَى، حَدَّثَنَا الْمُعَلَّى بْنُ أَسَدٍ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَاحِدِ بْنُ زِيَادٍ، حَدَّثَنَا مُجَالِدٌ، عَنِ الشَّعْبِيِّ، عَنْ جَابِرٍ، قَالَ جَعَلَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم الدِّيَةَ عَلَى عَاقِلَةِ الْقَاتِلَةِ فَقَالَتْ عَاقِلَةُ الْمَقْتُولَةِ يَا رَسُولَ اللَّهِ مِيرَاثُهَا لَنَا ‏.‏ قَالَ ‏ "‏ لاَ مِيرَاثُهَا لِزَوْجِهَا وَوَلَدِهَا ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Jabir said:“The Messenger of Allah (ﷺ) ruled that the blood money should be paid by the near male relations from the father's side of the killer, and the such relatives of slain woman said: 'O Messenger of Allah (ﷺ),her legacy is for us.' He said: 'No, her legacy is for her husband and children.'”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 21 · The Chapters on Blood Money

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।