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सुनन इब्न माजा

नंबर 2644

नंबर 2644किताब 21, नंबर 30
حَدَّثَنَا هِشَامُ بْنُ عَمَّارٍ، حَدَّثَنَا حَاتِمُ بْنُ إِسْمَاعِيلَ، عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ عَيَّاشٍ، عَنْ عَمْرِو بْنِ شُعَيْبٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ جَدِّهِ، ‏.‏ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَضَى أَنَّ عَقْلَ أَهْلِ الْكِتَابَيْنِ نِصْفُ عَقْلِ الْمُسْلِمِينَ وَهُمُ الْيَهُودُ وَالنَّصَارَى ‏.‏
It was narrated from 'Amr bin Shu'aib, from his grandfather, that :the Messenger of Allah (ﷺ) ruled that the blood money for the people of the book is half of that of the blood money for the Muslims, and they are the Jews and Christians
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAl-Albani
  • HasanMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • HasanShuaib Al Arnaut
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 21 · The Chapters on Blood Money

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।