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सुनन इब्न माजा

नंबर 2568

नंबर 2568किताब 20, नंबर 36
حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي فُدَيْكٍ، حَدَّثَنِي ابْنُ أَبِي حَبِيبَةَ، عَنْ دَاوُدَ بْنِ الْحُصَيْنِ، عَنْ عِكْرِمَةَ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ إِذَا قَالَ الرَّجُلُ لِلرَّجُلِ يَا مُخَنَّثُ فَاجْلِدُوهُ عِشْرِينَ وَإِذَا قَالَ الرَّجُلُ لِلرَّجُلِ يَا لُوطِيُّ فَاجْلِدُوهُ عِشْرِينَ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Ibn Abbas that the Prophet (ﷺ) said:“If one man says another: 'O effeminate one!' give him twenty lashes. And if one man says to another: 'O homosexual!' give him twenty twenty lashes.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 20 · The Chapters on Legal Punishments

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।