सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन इब्न माजा

नंबर 2562

नंबर 2562किताब 20, नंबर 30
حَدَّثَنَا يُونُسُ بْنُ عَبْدِ الأَعْلَى، أَخْبَرَنِي عَبْدُ اللَّهِ بْنُ نَافِعٍ، أَخْبَرَنِي عَاصِمُ بْنُ عُمَرَ، عَنْ سُهَيْلٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم فِي الَّذِي يَعْمَلُ عَمَلَ قَوْمِ لُوطٍ قَالَ ‏ "‏ ارْجُمُوا الأَعْلَى وَالأَسْفَلَ ارْجُمُوهُمَا جَمِيعًا ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Abu Hurairah that the Prophet (ﷺ) said concerning those who do the action of the people of Lut:“Stone the upper and the lower, stone them both.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAl-Albani
  • Hasan LighairihiMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 20 · The Chapters on Legal Punishments

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।