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सुनन इब्न माजा

नंबर 2555

नंबर 2555किताब 20, नंबर 23
حَدَّثَنَا الْعَبَّاسُ بْنُ عُثْمَانَ الدِّمَشْقِيُّ، حَدَّثَنَا الْوَلِيدُ بْنُ مُسْلِمٍ، حَدَّثَنَا أَبُو عَمْرٍو، حَدَّثَنِي يَحْيَى بْنُ أَبِي كَثِيرٍ، عَنْ أَبِي قِلاَبَةَ، عَنْ أَبِي الْمُهَاجِرِ، عَنْ عِمْرَانَ بْنِ الْحُصَيْنِ، أَنَّ امْرَأَةً، أَتَتِ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم فَاعْتَرَفَتْ بِالزِّنَا فَأَمَرَ بِهَا فَشُكَّتْ عَلَيْهَا ثِيَابُهَا ثُمَّ رَجَمَهَا ثُمَّ صَلَّى عَلَيْهَا ‏.‏
It was narrated from `Imran bin Husain that :a woman came to the Prophet (ﷺ) and confessed to committing fornication. He issued orders, and her garments were tightened around her (so that her private parts would not become uncovered) then he stoned her, then he offered the funeral prayer for her
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 20 · The Chapters on Legal Punishments

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।