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सुनन इब्न माजा

नंबर 2552

नंबर 2552किताब 20, नंबर 20
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا عَبْدُ السَّلاَمِ بْنُ حَرْبٍ، عَنْ هِشَامِ بْنِ حَسَّانَ، عَنِ الْحَسَنِ، عَنْ سَلَمَةَ بْنِ الْمُحَبِّقِ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم رُفِعَ إِلَيْهِ رَجُلٌ وَطِئَ جَارِيَةَ امْرَأَتِهِ فَلَمْ يَحُدَّهُ ‏.‏
It was narrated from Salamah bin Muhabbiq that:the case of a man who had intercourse with the slave woman of his wife was referred to the Messenger of Allah (ﷺ), and he did not stipulate any legal punishment for him
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 20 · The Chapters on Legal Punishments

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।