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सुनन इब्न माजा

नंबर 2540

नंबर 2540किताब 20, नंबर 8
حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ سَالِمٍ الْمَفْلُوجُ، حَدَّثَنَا عُبَيْدَةُ بْنُ الأَسْوَدِ، عَنِ الْقَاسِمِ بْنِ الْوَلِيدِ، عَنْ أَبِي صَادِقٍ، عَنْ رَبِيعَةَ بْنِ نَاجِدٍ، عَنْ عُبَادَةَ بْنِ الصَّامِتِ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ أَقِيمُوا حُدُودَ اللَّهِ فِي الْقَرِيبِ وَالْبَعِيدِ وَلاَ تَأْخُذْكُمْ فِي اللَّهِ لَوْمَةُ لاَئِمٍ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from `Ubadah bin Samit that the Messenger of Allah (ﷺ) said:“Carry out the legal punishments on relatives and strangers, and do not let the fear of blame stop you from carrying out the command of Allah (SWT).”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAl-Albani
  • HasanMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 20 · The Chapters on Legal Punishments

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।