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सुनन इब्न माजा

नंबर 703

नंबर 703किताब 2, नंबर 37
حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ سَعِيدٍ، وَإِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ بْنِ حَبِيبٍ، وَعَلِيُّ بْنُ الْمُنْذِرِ، قَالُوا حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ فُضَيْلٍ، حَدَّثَنَا عَطَاءُ بْنُ السَّائِبِ، عَنْ شَقِيقٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ مَسْعُودٍ، قَالَ جَدَبَ لَنَا رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ السَّمَرَ بَعْدَ الْعِشَاءِ ‏.‏ قَالَ ابْنُ مَاجَهْ يَعْنِي زَجَرَنَا عَنْهُ نَهَانَا عَنْهُ ‏.‏
It was narrated that 'Abdullah bin Mas'ud said:"The Messenger of Allah rebuked us for staying up (talking) after the 'Isha
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 2 · The Book of the Prayer

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।