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सुनन इब्न माजा

नंबर 694

नंबर 694किताब 2, नंबर 28
حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، وَمُحَمَّدُ بْنُ الصَّبَّاحِ، قَالاَ حَدَّثَنَا الْوَلِيدُ بْنُ مُسْلِمٍ، حَدَّثَنَا الأَوْزَاعِيُّ، حَدَّثَنِي يَحْيَى بْنُ أَبِي كَثِيرٍ، عَنْ أَبِي قِلاَبَةَ، عَنْ أَبِي الْمُهَاجِرِ، عَنْ بُرَيْدَةَ الأَسْلَمِيِّ، قَالَ كُنَّا مَعَ رَسُولِ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ فِي غَزْوَةٍ فَقَالَ ‏ "‏ بَكِّرُوا بِالصَّلاَةِ فِي الْيَوْمِ الْغَيْمِ فَإِنَّهُ مَنْ فَاتَتْهُ صَلاَةُ الْعَصْرِ حَبِطَ عَمَلُهُ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Buraidah Al-Aslami said:"We were with the Messenger of Allah on a campaign, and he said: 'Hasten to perform prayer on a cloudy day, for whoever misses the 'Asr prayer, all his good deeds will be in vain
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 2 · The Book of the Prayer

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।