सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन इब्न माजा

नंबर 680

नंबर 680किताब 2, नंबर 14
حَدَّثَنَا تَمِيمُ بْنُ الْمُنْتَصِرِ الْوَاسِطِيُّ، حَدَّثَنَا إِسْحَاقُ بْنُ يُوسُفَ، عَنْ شَرِيكٍ، عَنْ بَيَانٍ، عَنْ قَيْسِ بْنِ أَبِي حَازِمٍ، عَنِ الْمُغِيرَةِ بْنِ شُعْبَةَ، قَالَ كُنَّا نُصَلِّي مَعَ رَسُولِ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ صَلاَةَ الظُّهْرِ بِالْهَاجِرَةِ فَقَالَ لَنَا ‏ "‏ أَبْرِدُوا بِالصَّلاَةِ فَإِنَّ شِدَّةَ الْحَرِّ مِنْ فَيْحِ جَهَنَّمَ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Mughirah bin Shu'bah said:We were praying Zuhr with the Messenger of Allah at the time of intense heat (i.e., midday when the sun has just passed its zenith) and he said to us, "Wait for it to cool down before you pray, for intense heat is from the flaring up of the Hell-fire
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Sahih LighairihiShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 2 · The Book of the Prayer

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।