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सुनन इब्न माजा

नंबर 2523

नंबर 2523किताब 19, नंबर 12
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ سِنَانٍ، حَدَّثَنَا أَبُو مُعَاوِيَةَ، حَدَّثَنَا هِشَامُ بْنُ عُرْوَةَ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ أَبِي مُرَاوِحٍ، عَنْ أَبِي ذَرٍّ، قَالَ قُلْتُ يَا رَسُولَ اللَّهِ أَىُّ الرِّقَابِ أَفْضَلُ قَالَ ‏ "‏ أَنْفَسُهَا عِنْدَ أَهْلِهَا وَأَغْلاَهَا ثَمَنًا ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Abu Dharr said:“I said: 'O Messenger of Allah (ﷺ), which slave is best?' He said: ‘The one who is most precious to his master and most valuable in price.' ”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 19 · The Chapters on Manumission (of Slaves)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।