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सुनन इब्न माजा

नंबर 2500

नंबर 2500किताब 17, नंबर 10
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْحَارِثِ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ الْبَيْلَمَانِيِّ، عَنْ أَبِيهِ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ الشُّفْعَةُ كَحَلِّ الْعِقَالِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Ibn 'Umar that the Messenger of Allah (ﷺ) said:“Preemption is like undoing the `Iqal.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Very DaifAl-Albani
  • Very DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Very DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 17 · The Chapters on Pre-emption

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।