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सुनन इब्न माजा

नंबर 2493

नंबर 2493किताब 17, नंबर 2
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ سِنَانٍ، وَالْعَلاَءُ بْنُ سَالِمٍ، قَالاَ حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ هَارُونَ، أَنْبَأَنَا شَرِيكٌ، عَنْ سِمَاكٍ، عَنْ عِكْرِمَةَ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ مَنْ كَانَتْ لَهُ أَرْضٌ فَأَرَادَ بَيْعَهَا فَلْيَعْرِضْهَا عَلَى جَارِهِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Ibn Abbas that the Prophet (ﷺ) said:“Whoever has land and wants to sell it, let him offer it to his neighbor.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • Sahih LighairihiMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Sahih LighairihiShuaib Al Arnaut
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 17 · The Chapters on Pre-emption

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।