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सुनन इब्न माजा

नंबर 2487

नंबर 2487किताब 16, नंबर 52
حَدَّثَنَا سَهْلُ بْنُ أَبِي الصُّغْدِيِّ، حَدَّثَنَا مَنْصُورُ بْنُ صُقَيْرٍ، حَدَّثَنَا ثَابِتُ بْنُ مُحَمَّدٍ، عَنْ نَافِعٍ أَبِي غَالِبٍ، عَنْ أَبِي سَعِيدٍ الْخُدْرِيِّ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ حَرِيمُ الْبِئْرِ مَدُّ رِشَائِهَا ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Abu Sa'eed Al-Khudri that the Messenger of Allah (ﷺ) said:“The land around a well (that is considered to be part of it) is the length of the well rope (in all directions).”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 16 · The Chapters on Pawning

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।