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सुनन इब्न माजा

नंबर 2454

नंबर 2454किताब 16, नंबर 19
حَدَّثَنَا عَمْرُو بْنُ عُثْمَانَ بْنِ سَعِيدِ بْنِ كَثِيرِ بْنِ دِينَارٍ الْحِمْصِيُّ، حَدَّثَنَا ضَمْرَةُ بْنُ رَبِيعَةَ، عَنِ ابْنِ شَوْذَبٍ، عَنْ مَطَرٍ، عَنْ عَطَاءٍ، عَنْ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ، قَالَ خَطَبَنَا رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فَقَالَ ‏ "‏ مَنْ كَانَتْ لَهُ أَرْضٌ فَلْيَزْرَعْهَا أَوْ لِيُزْرِعْهَا وَلاَ يُؤَاجِرْهَا ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Jabir bin 'Abdullah said:“The Messenger of Allah (ﷺ) addressed us and said: 'Whoever has land, let him cultivate it or allow someone else to cultivate it, and not rent it out.' ”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 16 · The Chapters on Pawning

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।