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सुनन इब्न माजा

नंबर 2450

नंबर 2450किताब 16, नंबर 15
حَدَّثَنَا هِشَامُ بْنُ عَمَّارٍ، وَمُحَمَّدُ بْنُ الصَّبَّاحِ، قَالاَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ بْنُ عُيَيْنَةَ، عَنْ عَمْرِو بْنِ دِينَارٍ، قَالَ سَمِعْتُ ابْنَ عُمَرَ، يَقُولُ كُنَّا نُخَابِرُ وَلاَ نَرَى بِذَلِكَ بَأْسًا حَتَّى سَمِعْنَا رَافِعَ بْنَ خَدِيجٍ يَقُولُ نَهَى رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم عَنْهُ ‏.‏ فَتَرَكْنَاهُ لِقَوْلِهِ ‏.‏
It was narrated that 'Amr bin Dinar said:“I heard Ibn 'Umar say: 'We used to lend land for cultivation in return for a share of the harvest, and we did not see anything wrong with that, until we heard Rafi' bin Khadij say: “The Messenger of Allah (ﷺ) forbade it.” Then we stopped because of what he said.' ”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 16 · The Chapters on Pawning

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।