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सुनन इब्न माजा

नंबर 2437

नंबर 2437किताब 16, नंबर 2
حَدَّثَنَا نَصْرُ بْنُ عَلِيٍّ الْجَهْضَمِيُّ، حَدَّثَنِي أَبِي، حَدَّثَنَا هِشَامٌ، عَنْ قَتَادَةَ، عَنْ أَنَسٍ، قَالَ لَقَدْ رَهَنَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم دِرْعَهُ عِنْدَ يَهُودِيٍّ بِالْمَدِينَةِ فَأَخَذَ لأَهْلِهِ مِنْهُ شَعِيرًا ‏.‏
It was narrated that Anas said:“The Messenger of Allah (ﷺ) pawned his armor to a jew in Al-Madinah, and took barely for his family in return.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih BukhariZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 16 · The Chapters on Pawning

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।