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सुनन इब्न माजा

नंबर 2393

नंबर 2393किताब 15, नंबर 4
حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ حَكِيمٍ، حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ هَارُونَ، حَدَّثَنَا سُلَيْمَانُ التَّيْمِيُّ، عَنْ أَبِي عُثْمَانَ النَّهْدِيِّ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَامِرٍ، عَنِ الزُّبَيْرِ بْنِ الْعَوَّامِ، أَنَّهُ حَمَلَ عَلَى فَرَسٍ يُقَالُ لَهُ غَمْرٌ أَوْ غَمْرَةٌ فَرَأَى مُهْرًا أَوْ مُهْرَةً مِنْ أَفْلاَئِهَا يُبَاعُ يُنْسَبُ إِلَى فَرَسِهِ فَنَهَى عَنْهَا ‏.‏
It was narrated from Zubair bin 'Awwam that :he gave a horse called Ghamr or Ghamrah to someone, then he saw one of its colts or fillies attributed to his horse being sold, but he refrained from (buging) it
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 15 · The Chapters on Charity

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।