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सुनन इब्न माजा

नंबर 2377

नंबर 2377किताब 14, नंबर 3
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، وَأَبُو بَكْرِ بْنُ خَلاَّدٍ الْبَاهِلِيُّ قَالاَ حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي عَدِيٍّ، عَنْ حُسَيْنٍ الْمُعَلِّمِ، عَنْ عَمْرِو بْنِ شُعَيْبٍ، عَنْ طَاوُسٍ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، وَابْنِ، عُمَرَ يَرْفَعَانِ الْحَدِيثَ إِلَى النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ لاَ يَحِلُّ لِلرَّجُلِ أَنْ يُعْطِيَ الْعَطِيَّةَ ثُمَّ يَرْجِعَ فِيهَا إِلاَّ الْوَالِدَ فِيمَا يُعْطِي وَلَدَهُ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Ibn 'Abbas and Ibn 'Umar, who attributed the Hadith to the Prophet (ﷺ) that he said:“It is not permissible for a man to give a gift then take it back, except what a father gives to his child.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 14 · The Chapters on Gifts

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।