सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन इब्न माजा

नंबर 2312

नंबर 2312किताब 13, नंबर 5
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ سِنَانٍ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بِلاَلٍ، عَنْ عِمْرَانَ الْقَطَّانِ، عَنْ حُسَيْنٍ، - يَعْنِي ابْنَ عِمْرَانَ - عَنْ أَبِي إِسْحَاقَ الشَّيْبَانِيِّ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي أَوْفَى، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ إِنَّ اللَّهَ مَعَ الْقَاضِي مَا لَمْ يَجُرْ فَإِذَا جَارَ وَكَلَهُ إِلَى نَفْسِهِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from 'Abdullah bin Abu Awfa that the Messenger of Allah (ﷺ) said:“Allah is with the judge so long as he is not unjust, but if he rules unjustly, He entrusts him to himself.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAl-Albani
  • HasanMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 13 · The Chapters on Rulings

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।