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सुनन इब्न माजा

नंबर 2296

नंबर 2296किताब 12, नंबर 160
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الصَّبَّاحِ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، ح وَحَدَّثَنَا عَمْرُو بْنُ رَافِعٍ، حَدَّثَنَا جَرِيرٌ، عَنْ مُسْلِمٍ الْمُلاَئِيِّ، سَمِعَ أَنَسَ بْنَ مَالِكٍ، يَقُولُ كَانَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ يُجِيبُ دَعْوَةَ الْمَمْلُوكِ ‏.‏
It was narrated from Muslim Al-Mula'i that he heard Anas bin Malik say:"The Messenger of Allah (ﷺ) used to accept the invitation of a slave
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 12 · The Chapters on Business Transactions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।