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सुनन इब्न माजा

नंबर 2276

नंबर 2276किताब 12, नंबर 140
حَدَّثَنَا نَصْرُ بْنُ عَلِيٍّ الْجَهْضَمِيُّ، حَدَّثَنَا خَالِدُ بْنُ الْحَارِثِ، حَدَّثَنَا سَعِيدٌ، عَنْ قَتَادَةَ، عَنْ سَعِيدِ بْنِ الْمُسَيَّبِ، عَنْ عُمَرَ بْنِ الْخَطَّابِ، قَالَ إِنَّ آخِرَ مَا نَزَلَتْ آيَةُ الرِّبَا وَإِنَّ رَسُولَ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ قُبِضَ وَلَمْ يُفَسِّرْهَا لَنَا فَدَعُوا الرِّبَا وَالرِّيبَةَ ‏.‏
It was narrated that 'Umar bin Khattab said:"The last thing to be revealed was the Verse on usury but the Messenger of Allah (ﷺ) died before he had explained it to us. So give up usury (interest) and doubtful things
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih HadithAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 12 · The Chapters on Business Transactions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।