حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَهَّابِ بْنُ الضَّحَّاكِ، حَدَّثَنَا بَقِيَّةُ بْنُ الْوَلِيدِ، عَنْ مُعَاوِيَةَ بْنِ يَحْيَى، عَنْ مَكْحُولٍ، وَسُلَيْمَانَ بْنِ مُوسَى، عَنْ وَاثِلَةَ بْنِ الأَسْقَعِ، قَالَ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ يَقُولُ " مَنْ بَاعَ عَيْبًا لَمْ يُبَيِّنْهُ لَمْ يَزَلْ فِي مَقْتٍ مِنَ اللَّهِ وَلَمْ تَزَلِ الْمَلاَئِكَةُ تَلْعَنُهُ " .
It was narrated that Wathilah bin Asqa' said:"I heard the Messenger of Allah (ﷺ) say: 'Whoever sells defective goods without pointing it out, he will remain subject to the wrath of Allah, and the angels will continue to curse him
स्रोत में दर्ज दर्जे
Very DaifAl-Albani
Very DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
DaifShuaib Al Arnaut
DaifZubair Ali Zai
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।