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सुनन इब्न माजा

नंबर 2217

नंबर 2217किताब 12, नंबर 81
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، حَدَّثَنَا حَجَّاجٌ، حَدَّثَنَا حَمَّادٌ، عَنْ حُمَيْدٍ، عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ نَهَى عَنْ بَيْعِ الثَّمَرَةِ حَتَّى تَزْهُوَ وَعَنْ بَيْعِ الْعِنَبِ حَتَّى يَسْوَدَّ وَعَنْ بَيْعِ الْحَبِّ حَتَّى يَشْتَدَّ ‏.‏
It was narrated from Anas bin Malik that :the Messenger of Allah (ﷺ) forbade selling fruits until they have changed the color, and selling grapes until they have turned black, and selling grains until they have hardened
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 12 · The Chapters on Business Transactions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।