सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन इब्न माजा

नंबर 2213

नंबर 2213किताब 12, नंबर 77
حَدَّثَنَا عَبْدُ رَبِّهِ بْنُ خَالِدٍ النُّمَيْرِيُّ أَبُو الْمُغَلِّسِ، حَدَّثَنَا الْفُضَيْلُ بْنُ سُلَيْمَانَ، عَنْ مُوسَى بْنِ عُقْبَةَ، حَدَّثَنِي إِسْحَاقُ بْنُ يَحْيَى بْنِ الْوَلِيدِ بْنِ عُبَادَةَ بْنِ الصَّامِتِ، عَنْ عُبَادَةَ بْنِ الصَّامِتِ، قَالَ قَضَى رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ أَنَّ ثَمَرَ النَّخْلِ لِمَنْ أَبَّرَهَا إِلاَّ أَنْ يَشْتَرِطَ الْمُبْتَاعُ وَأَنَّ مَالَ الْمَمْلُوكِ لِمَنْ بَاعَهُ إِلاَّ أَنْ يَشْتَرِطَ الْمُبْتَاعُ ‏.‏
It was narrated that 'Ubadah bin Samit said:"The Messenger of Allah (ﷺ) ruled that the fruit of a palm tree belongs to the one who pollinated it, and that the wealth of a slave belongs to the one who sold him, unless the purchaser stipulated a condition
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • Sahih LighairihiMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 12 · The Chapters on Business Transactions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।