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सुनन इब्न माजा

नंबर 2188

नंबर 2188किताब 12, नंबर 52
حَدَّثَنَا أَزْهَرُ بْنُ مَرْوَانَ، قَالَ حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ زَيْدٍ، ح وَحَدَّثَنَا أَبُو كُرَيْبٍ، حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ ابْنُ عُلَيَّةَ، قَالاَ حَدَّثَنَا أَيُّوبُ، عَنْ عَمْرِو بْنِ شُعَيْبٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ جَدِّهِ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏ "‏ لاَ يَحِلُّ بَيْعُ مَا لَيْسَ عِنْدَكَ وَلاَ رِبْحُ مَا لَمْ يُضْمَنْ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from 'Amr bin Shu'aib, from his father, that his grandfather said:"The Messenger of Allah (ﷺ) said: 'It is not permissible to sell something that is not with you, nor to profit from what you do not possess
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Hasan SahihAl-Albani
  • Hasan SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Sahih LighairihiShuaib Al Arnaut
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 12 · The Chapters on Business Transactions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।