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सुनन इब्न माजा

नंबर 2182

नंबर 2182किताब 12, नंबर 46
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ عَبْدَةَ، وَأَحْمَدُ بْنُ الْمِقْدَامِ، قَالاَ حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ زَيْدٍ، عَنْ جَمِيلِ بْنِ مُرَّةَ، عَنْ أَبِي الْوَضِيءِ، عَنْ أَبِي بَرْزَةَ الأَسْلَمِيِّ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏ "‏ الْبَيِّعَانِ بِالْخِيَارِ مَا لَمْ يَتَفَرَّقَا ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Abu Barzah Al-Aslami that the Messenger of Allah (ﷺ) said:”The two parties to a transaction have the choice (of annulling it) so long as they have not yet parted
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih HadithAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 12 · The Chapters on Business Transactions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।