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सुनन इब्न माजा

नंबर 2162

नंबर 2162किताब 12, नंबर 26
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ أَبِي عُمَرَ الْعَدَنِيُّ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ بْنُ عُيَيْنَةَ، عَنِ ابْنِ طَاوُسٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، أَنَّ النَّبِيَّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ احْتَجَمَ وَأَعْطَاهُ أَجْرَهُ ‏.‏ قَالَ ابْنُ مَاجَهْ تَفَرَّدَ بِهِ ابْنُ أَبِي عُمَرَ وَحْدَهُ ‏.‏
It was narrated from Ibn 'Abbas that :the Prophet (ﷺ) was treated with cupping and he gave him (the cupper) his wages. (Sahih)Ibn Abu 'Umar was alone in narrating it. That was said by Ibn Majah
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih HadithAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 12 · The Chapters on Business Transactions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।