सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन इब्न माजा

नंबर 2115

नंबर 2115किताब 11, नंबर 26
حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ مُحَمَّدٍ، حَدَّثَنَا وَكِيعٌ، عَنْ عَلِيِّ بْنِ صَالِحٍ، عَنْ أَشْعَثَ بْنِ أَبِي الشَّعْثَاءِ، عَنْ مُعَاوِيَةَ بْنِ سُوَيْدِ بْنِ مُقَرِّنٍ، عَنِ الْبَرَاءِ بْنِ عَازِبٍ، قَالَ أَمَرَنَا رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ بِإِبْرَارِ الْمُقْسِمِ ‏.‏
It was narrated that Bara' bin 'Azib said:'The Messenger of Allah (ﷺ) commanded us to help fulfill the oath
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 11 · The Chapters on Expiation

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।