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सुनन इब्न माजा

नंबर 2113

नंबर 2113किताब 11, नंबर 24
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ يَحْيَى، حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ مَهْدِيٍّ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ بْنُ عُيَيْنَةَ، عَنْ سُلَيْمَانَ بْنِ أَبِي الْمُغِيرَةِ، عَنْ سَعِيدِ بْنِ جُبَيْرٍ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، قَالَ كَانَ الرَّجُلُ يَقُوتُ أَهْلَهُ قُوتًا فِيهِ سَعَةٌ وَكَانَ الرَّجُلُ يَقُوتُ أَهْلَهُ قُوتًا فِيهِ شِدَّةٌ فَنَزَلَتْ ‏{مِنْ أَوْسَطِ مَا تُطْعِمُونَ أَهْلِيكُمْ}‏ ‏.‏
It was narrated that Ibn 'Abbas said:"A man would give his family food that was abundant and another would give his family food that was barely sufficient, then the following was revealed: 'With the Awsat of that with which you feed your families...’”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 11 · The Chapters on Expiation

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।