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सुनन इब्न माजा

नंबर 2098

नंबर 2098किताब 11, नंबर 9
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي عَدِيٍّ، عَنْ خَالِدٍ الْحَذَّاءِ، عَنْ أَبِي قِلاَبَةَ، عَنْ ثَابِتِ بْنِ الضَّحَّاكِ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏ "‏ مَنْ حَلَفَ بِمِلَّةٍ سِوَى الإِسْلاَمِ كَاذِبًا مُتَعَمِّدًا فَهُوَ كَمَا قَالَ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Thabit bin Ad-Dahhak said:The Messenger of Allah (ﷺ) said: 'Whoever takes an oath to follow a religion other than Islam, telling a deliberate lie, he will be as he said
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 11 · The Chapters on Expiation

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।