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सुनन इब्न माजा

नंबर 2079

नंबर 2079किताब 10, नंबर 64
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ طَرِيفٍ، وَإِبْرَاهِيمُ بْنُ سَعِيدٍ الْجَوْهَرِيُّ، قَالاَ حَدَّثَنَا عُمَرُ بْنُ شَبِيبٍ الْمُسْلِيُّ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عِيسَى، عَنْ عَطِيَّةَ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏ "‏ طَلاَقُ الأَمَةِ اثْنَتَانِ وَعِدَّتُهَا حَيْضَتَانِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Ibn 'Urnar that the Messenger of Allah (ﷺ), said:"The divorce of a slave woman is twice, and her waiting period is two menstrual cycles
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 10 · The Chapters on Divorce

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।