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सुनन इब्न माजा

नंबर 2072

नंबर 2072किताब 10, नंबर 57
حَدَّثَنَا الْحَسَنُ بْنُ قَزَعَةَ، حَدَّثَنَا مَسْلَمَةُ بْنُ عَلْقَمَةَ، حَدَّثَنَا دَاوُدُ بْنُ أَبِي هِنْدٍ، عَنْ عَامِرٍ، عَنْ مَسْرُوقٍ، عَنْ عَائِشَةَ، قَالَتْ آلَى رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ مِنْ نِسَائِهِ وَحَرَّمَ فَجَعَلَ الْحَرَامَ حَلاَلاً ‏.‏ وَجَعَلَ فِي الْيَمِينِ كَفَّارَةً ‏.‏
It was narrated that 'Aishah said:"The Messenger of Allah swore to keep away from his wives and declared them as unlawful for him, so he made something permissible forbidden, and he offered expiation for having sworn to do so
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 10 · The Chapters on Divorce

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।