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सुनन इब्न माजा

नंबर 2064

नंबर 2064किताब 10, नंबर 49
حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ سَعِيدٍ، حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ إِدْرِيسَ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ إِسْحَاقَ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ عَمْرِو بْنِ عَطَاءٍ، عَنْ سُلَيْمَانَ بْنِ يَسَارٍ، عَنْ سَلَمَةَ بْنِ صَخْرٍ الْبَيَاضِيِّ، عَنِ النَّبِيِّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ فِي الْمُظَاهِرِ يُوَاقِعُ قَبْلَ أَنْ يُكَفِّرَ قَالَ ‏ "‏ كَفَّارَةٌ وَاحِدَةٌ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Salamah bin Sakhr Al-Bayedi that:the Prophet (ﷺ) said concerning a man who declared Zihar upon his wife having intercourse with her before compensation: "Let him offer one expiation
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 10 · The Chapters on Divorce

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।