حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ الأَزْهَرِ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْفَضْلِ، عَنْ حَمَّادِ بْنِ زَيْدٍ، عَنْ أَيُّوبَ، عَنْ أَبِي قِلاَبَةَ، عَنْ أَبِي أَسْمَاءَ، عَنْ ثَوْبَانَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ " أَيُّمَا امْرَأَةٍ سَأَلَتْ زَوْجَهَا الطَّلاَقَ فِي غَيْرِ مَا بَأْسٍ فَحَرَامٌ عَلَيْهَا رَائِحَةُ الْجَنَّةِ " .
It was narrated from Thawban that the Messenger of Allah (ﷺ) said:'Any woman who asks her husband for a divorce when it is not absolutely necessary, the fragrance of Paradise will be forbidden to her
स्रोत में दर्ज दर्जे
SahihAl-Albani
SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
SahihShuaib Al Arnaut
Isnaad SahihZubair Ali Zai
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।