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सुनन इब्न माजा

नंबर 2047

नंबर 2047किताब 10, नंबर 32
حَدَّثَنَا أَبُو كُرَيْبٍ، حَدَّثَنَا هُشَيْمٌ، أَنْبَأَنَا عَامِرٌ الأَحْوَلُ، ح وَحَدَّثَنَا أَبُو كُرَيْبٍ، حَدَّثَنَا حَاتِمُ بْنُ إِسْمَاعِيلَ، عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ الْحَارِثِ، جَمِيعًا عَنْ عَمْرِو بْنِ شُعَيْبٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ جَدِّهِ، ‏.‏ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ قَالَ ‏ "‏ لاَ طَلاَقَ فِيمَا لاَ يَمْلِكُ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from "Amr bin Shu'aib, from his father, from his grandfather, that:the Messenger of Allah said : "There is no divorce regarding that which one does not possess
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Hasan SahihAl-Albani
  • Hasan SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Hasan SahihShuaib Al Arnaut
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 10 · The Chapters on Divorce

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।