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सुनन इब्न माजा

नंबर 2043

नंबर 2043किताब 10, नंबर 28
حَدَّثَنَا إِبْرَاهِيمُ بْنُ مُحَمَّدِ بْنِ يُوسُفَ الْفِرْيَابِيُّ، حَدَّثَنَا أَيُّوبُ بْنُ سُوَيْدٍ، حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرٍ الْهُذَلِيُّ، عَنْ شَهْرِ بْنِ حَوْشَبٍ، عَنْ أَبِي ذَرٍّ الْغِفَارِيِّ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏ "‏ إِنَّ اللَّهَ تَجَاوَزَ عَنْ أُمَّتِي الْخَطَأَ وَالنِّسْيَانَ وَمَا اسْتُكْرِهُوا عَلَيْهِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Abu Dharr Al-Ghifari that the Messenger of Allah (ﷺ) said:Allah has forgiven for me my nation their mistakes and forgetfulness, and what they are forced to do
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 10 · The Chapters on Divorce

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।